पहचान
पहचान वो नही ,
जो एक पल मे मिट जाए
पहचान ही है ,
जो एक इंसान को बनाती है
पहचान बिना ,
इंसान का अस्तित्व नहीं होता
जैसे , सागर के बिना ,
मोती नहीं होता
वैसे ही , हर एक इंसान ,
यू ही बेकार नहीं होता
कुछ खास होता है ,
हर एक इंसान में
बस , वक्त लगता है ,
अपनी काबिलियत को पहचानने में
पहचान वो नही ,
जो एक पल मे मिट जाए
पहचान ही है ,
जो एक इंसान को बनाती है
पहचान बिना ,
इंसान का अस्तित्व नहीं होता
जैसे , सागर के बिना ,
मोती नहीं होता
वैसे ही , हर एक इंसान ,
यू ही बेकार नहीं होता
कुछ खास होता है ,
हर एक इंसान में
बस , वक्त लगता है ,
अपनी काबिलियत को पहचानने में
Awesome bhai
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