मेरा प्यार
मैं बस मैं हूँ कोई और नहीं, तेरे लिये,
अकेला ही सही, अंधेरा हैं छाया हैं धूप हैं, चाहें जैसा भी हैं,
फिर क्यों रोया हुआ मेरा चेहरा,
आंखों में सिर्फ, बूँदों का ही पहरा,
कहने को बहुत कुछ, पर फिर भी दिल चुप,
खामोश, निराश, हताश,
आज कदम अल्फाज रूके, तेरे क्रब पे ठहरे,
यादों में सिर्फ तुम मेरे, सो जाना हर रात मेरी बाहों में, पनाहों में,
कर लेना मुझे प्यार इस तरह, जैसे मिले हो पहली बार की तरह,
मैं बस मैं हूँ कोई और नहीं, बस तेरे लिये,
अकेला ही सही, अंधेरा हैं छाया हैं धूप हैं, चाहें जैसा भी हैं,
पहचान लेना हमेशा मुझे, अपनी दिल की धड़कनो से, मेरे दिल की धड़कनो को,
क्या हुआ, अगर हम एक जहान में नहीं, तो मेरा प्यार भी तेरे लिये कम नहीं,
मेरा प्यार बढ़ता हैं हर रोज बढ़ता हैं और बढ़ता ही जाता हैं, सिर्फ तेरे लिये।
मेरा प्यार।
हम मिलेंगे दोबारा कहीं पे एक साथ।
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